बेटियां केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज की नींव होती हैं। उनके सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त जीवन के बिना किसी भी प्रगतिशील समाज की कल्पना अधूरी है। हिमाचल सरकार इसी दृष्टिकोण के साथ महिलाओं और बालिकाओं के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए सरकार ने इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना शुरू की है। यह योजना बेटियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को समर्पित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में इस योजना की घोषणा की थी।
इस योजना के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य बेटियों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इससे न केवल उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार होगा, बल्कि उन्हें अपने भविष्य की योजनाओं को साकार करने में भी सहायता मिलेगी । यह योजना प्रदेश सरकार की एक ऐसी दूरदर्शी पहल है जो बेटियों को सुरक्षित भविष्य की गारंटी देने के साथ ही उनके सशक्तिकरण में मददगार होगी।
*ये हैं योजना की विशेषताएं*
प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना को बीपीएल परिवारों में जन्म लेने वाली दो बालिकाओं के लिए शुरू किया है। इस योजना से बेटियों का भविष्य सुरक्षित होगा और यह बेटी है अनमोल योजना को भी और अधिक सशक्त बनाएगी। इस योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म पर 25 हजार रुपये की राशि बीमा कंपनी में जमा की जाएगी। बालिका के माता-पिता को प्रति अभिभावक 2 रुपये लाख का जीवन बीमा दिया जाएगा। बीमा की मैच्योरिटी पर यह राशि बालिका को 18 वर्ष की आयु से 27 वर्ष तक उसकी इच्छा अनुसार प्रदान की जाएगी।
*क्या कहते हैं सीएम-डिप्टी सीएम*
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना बेटियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल उनकी शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगी। यह योजना समाज में बेटियों की स्थिति को और अधिक सशक्त बनाएगी और आने वाले वर्षों में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कहते हैं कि सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनके आत्मनिर्भर बनने तक हर चरण में उनके साथ खड़ी है। इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना केवल बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके उज्ज्वल भविष्य की गारंटी भी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण के मजबूत आधार के रूप में यह योजना समाज में बेटियों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगी।
*योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रतिबद्ध जिला प्रशासन*
उपायुक्त जतिन लाल इस योजना को ऊना जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि हमारी टीम यह सुनिश्चित करेगी कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार को मिले। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी पात्र बालिका इस योजना के दायरे से बाहर न रहे और उन्हें एक सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य मिले।
