हिमाचल प्रदेश सरकार कर रही है व्यावसायिक शिक्षकों के साथ अन्याय, विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने सरकार पर बोला तीखा हमला

हिमाचल प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षकों ने एक बार फिर सड़कों पर उतरकर अपने हक के लिए संघर्ष शुरू कर दिया है। व्यावसायिक (वोकेशनल) शिक्षकों की सीधी सरकारी भर्ती और बिचौलियों को हटाने की मांग को लेकर बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यावसायिक शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त नहीं किया गया, तो सरकार को कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।

 

सरकार ने किया वादा, फिर मुकर गई!

 

विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों ने नवंबर 2024 में भी अपने अधिकारों के लिए हड़ताल की थी। उस समय सरकार ने उनकी मांगों को मानने का वादा किया था और आंदोलन को समाप्त करवाया था। लेकिन अब सरकार अपने वादों से पलट गई है और एक बार फिर इन शिक्षकों को निजी कंपनियों और ठेकेदारों के हवाले करने की साजिश कर रही है। यह सरासर अन्याय और धोखा है!

 

सरकार शिक्षकों को निजी कंपनियों के भरोसे क्यों छोड़ रही है?

 

विधायक लखनपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार और निजी कंपनियों के बीच हुआ समझौता (MoU) अब समाप्त हो रहा है। यह सुनहरा मौका है कि सरकार इन शिक्षकों को सीधा सरकारी सेवा में शामिल करे और उन्हें सरकारी वेतनमान के तहत लाए। लेकिन सरकार ऐसा करने की बजाय फिर से कोई नया ठेका देकर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाना चाहती है, जिससे शिक्षकों का शोषण जारी रहेगा।

 

उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति सीधे केंद्र सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच हुए समझौते के तहत होनी चाहिए। इससे शिक्षकों को सीधे सरकार से वेतन मिलेगा और बिचौलियों को हटाया जा सकेगा।

 

शिक्षकों के साथ धोखा, ठेकेदारों को फायदा!

 

विधायक लखनपाल ने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने चुनावों से पहले वादा किया था कि आउटसोर्सिंग प्रणाली को खत्म किया जाएगा और सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। लेकिन सत्ता में आते ही सरकार ने निजी ठेकेदारों को संरक्षण देना शुरू कर दिया और शिक्षकों की जायज मांगों को ठुकरा दिया। यह सरकार केवल ठेकेदारों और दलालों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है।

 

बीजेपी शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगी लड़ाई

 

विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही व्यावसायिक शिक्षकों की मांगों को नहीं माना गया, तो भारतीय जनता पार्टी शिक्षकों के समर्थन में खुलकर सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं और उनके साथ इस प्रकार का अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री का दोहरा चरित्र उजागर

विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने तीखे शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति आउटसोर्सिंग का सबसे ज्यादा विरोध करता था और कहता था कि जब हम सत्ता में आएंगे, तब स्थाई रोजगार देंगे, वही आज मुख्यमंत्री बनने के बाद स्थाई नौकरी तो दूर, हर भर्ती आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर रहा है। यह जनता के साथ विश्वासघात और शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ है।

 

उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति सरकारी प्रक्रिया के तहत करने और उन्हें नियमित करने की मांग की।

 

अंतिम चेतावनी: सरकार जल्द फैसला ले, अन्यथा होगा बड़ा आंदोलन

शिक्षकों के हक की इस लड़ाई में हम पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। यदि सरकार जल्द फैसला नहीं लेती, तो हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।”

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