उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मंडी जिला के सभी नगर निकायों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए कि साफ-सफाई करने वाले कर्मी सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कार्य करें। इसके लिए सफाई कर्मियों को लगातार जागरूक करते रहें।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने आज (वीरवार) को यहां मैनुअल स्कैवेंजर एक्ट 2013 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की भी अध्यक्षता की। इसके अलावा उन्होंने अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम की जिला स्तरीय बैठक और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति की बैठक भी ली।
उन्होंने इस दौरान सफाई कर्मियों की स्वास्थ्य जांच करने और इसकी सूचना जिला कल्याण विभाग को देने के आदेश दिए। उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत लंबित पुराने मामलों के जल्द निपटारे पर बल दिया। उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत जिले के विभिन्न न्यायालयों में 132 मामले लंबित हैं। 29 मामलों में अभियुक्त बरी हुए हैं और 8 मामलों को न्यायालय द्वारा रद्द किया गया है।
अपूर्व देवगन ने कहा कि जिला में विभिन्न थानों से 54 मामलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें से 22 मामले अन्वेषण अधीन हैं और 23 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। 8 मामलों की क्लोजर रिपोर्ट, एक मामलों की कैंसिलेशन रिपोर्ट आई है। इन 54 मामलों में 53 को प्रथम किश्त प्रदान कर दी गई है। एक मामले का चालान की प्रति आने पर राहत राशि स्वीकृत कर दी जाएगी।
रणनीति बनाकर निपटाए जाएंगे यूडीआइडी के लंबित मामले
उपायुक्त ने बैठक में युडीआइडी के लंबित मामलों को रणनीति बनाकर निपटारा करने पर जोर देते हुए बताया कि 19419 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जिला में पूर्व में 12938 दिव्यांगजनों के पास मैनुअली बने दिव्यांगता प्रमाण में से 12616 के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। केवल 73 प्रमाण पत्र लंबित हैं और 249 प्रमाण पत्र रिजेक्ट कर दिए गए हैं। 9904 नए प्रार्थना पत्रों में से 6803 के यूडीआईडी कार्ड जनरेट हो चुके हैं। 2788 मामले लंबित हैं जबकि 313 मामलों को रिजेक्ट कर दिया गया है।
13230 दिव्यांगों को दी जा रही दिव्यांग पेंशन
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के अर्न्तगत कल्याण विभाग द्वारा ही 160 दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। 20 दिव्यांगों को दिव्यांग विवाह योजना के अंतर्गत 50-50 हजार रुपये की राशि दी गई। 13230 दिव्यांगों को दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन दी जा रही है। कल्याण विभाग द्वारा एलिम्को के सहयोग से 283 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरित किए गए।
स्कूल ड्रॉप आउट पर रखें विशेष ध्यान
उन्होंने अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम में जिला में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल ड्रॉप आउट पर विशेष ध्यान रखने को भी कहा।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, महापौर नगर निगम विरेन्द्र भट्ट, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम मंडी विजय कुमार, एएसपी सागर चंद, डीएसपी रश्मि शर्मा, जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक, उप निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क मंजुला मुरीद, उप निदेशक शिक्षा हरी चंद और धीरज कुमार, जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
