कांग्रेस हाईकमान देहरा विधानसभा हलके से उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाना चाह रहा है। देहरा से टिकट अटकने का यही कारण बताया जा रहा है।
आलाकमान ने इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू से विचार विमर्श भी करने को कहा है। लेकिन कांग्रेस वहां एक होकर चुनाव लड़ना चाह रही है। उपचुनाव के प्रत्याशी चयन के पार्टी के तीन सर्वेक्षणों में कमलेश का नाम आगे है, क्योंकि एक तो देहरा में उनका मायका है।
दूसरा कारण यह है आलाकमान पिछले 25 साल से अजेय बनी इस विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का प्रभाव आजमाना चाह रहा है। 1500 रुपये मासिक देने की गारंटी को लागू करने के बाद महिला फैक्टर से भी मतदाताओं को साधना चाहता है। पिछले उपचुनाव में महिला प्रत्याशी देने का यह प्रयोग लाहुल स्पीति में भी सफल रहा है।
देहरा विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री के गृह संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के तहत आता है। लेकिन यह जिला कांगड़ा में है। अगर देहरा विधानसभा हलके की बात करें तो यह पुनर्सीमांकन के बाद 2012 में थुरल सीट के खत्म होने के बाद अस्तित्व में आया था।
लेकिन ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र से कटकर अलग हलका बना। इसके अस्तित्व में आने से लेकर यहां पर कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकी। इससे पहले भी इसका एक बड़ा क्षेत्र ज्वालामुखी में था तो 1998 से 2012 तक वहां भी कांग्रेस चुनाव हारती रही। देहरा से होशियार सिंह बतौर निर्दलीय प्रत्याशी लगातार दो उपचुनाव जीत चुके हैं।
अब भाजपा प्रत्याशी होशियार सिंह की हैट्रिक को रोकने के लिए कांग्रेस ने पिछले कुछ समय में इस सीट पर अपने तीन अंदरूनी सर्वे करवाए हैं, जिनमें कमलेश ठाकुर को आगे माना जा रहा है।
लेकिन इस सीट से कांग्रेस के बार-बार हारने का कारण गुटबाजी भी माना जा रहा है। इसी गुटबाजी से डॉ. राजेश शर्मा 2022 का उपचुनाव हार गए थे।
2017 में कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद रही विप्लव ठाकुर तो मात्र 8,289 मत लेकर बुरी तरह से चुनाव हारी थीं। तब कांग्रेस का यह प्रयोग भी असफल रहा। 2012 में कांग्रेस के राजेंद्र सिंह राणा भी तीसरे स्थान पर रहे।
निर्दलीय योगराज ने उनसे ज्यादा वोट लिए। ऐसे में इस बार कांग्रेस हाईकमान हाथ से ढाई दशक पहले छिन चुके देहरा के किले को जीतने के लिए मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाकर नया प्रयोग करना चाह रहा है। इस बारे में मुख्यमंत्री से उनकी सहमति मांगी गई है।
