हिमाचल प्रदेश में चार जून को लोकसभा की चार व विधानसभा उप चुनाव की 6 सीटों की मतगणना से पहले बड़ी खबर आई है। राज्य के विधानसभा सचिवालय के सचिव ने इस्तीफे मंजूर होने की पुष्टि की है।
तीन निर्दलीय विधायकों में कृष्ण लाल ठाकुर, होशियार सिंह व आशीष शर्मा शामिल हैं।
विधायकों ने 22 मार्च को इस्तीफे देने के बाद 23 मार्च को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इस्तीफे मंजूर न होने पर प्रदर्शन भी किया था। 30 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने बहस पूरी होने के बाद आदेश को सुरक्षित रख लिया था। इस्तीफे मंजूर होने के बाद ये साफ हो गया है कि तीन विधानसभा क्षेत्रों नालागढ़, देहरा व हमीरपुर में उप चुनाव होंगे। मौजूदा में विधानसभा सदस्यों की संख्या आज की तारीख में 59 हो गई है। मंगलवार को 6 विधानसभा क्षेत्रों के उप चुनाव के परिणाम आने के बाद ये संख्या 65 हो जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक सुक्खू सरकार ने चाणक्य नीति के तहत इस्तीफों को मंजूर किया है। इस्तीफे पहले मंजूर कर लिए जाते तो 1 जून को 9 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ होता। मंगलवार के परिणाम में किंतु-परंतु होने की सूरत में कांग्रेस के सामने तीन विधानसभा के उपचुनाव का भी मौका होगा।
राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग के बाद सियासी बवंडर खड़ा हुआ था। कांग्रेस के 6 व तीन निर्दलीय विधायकों की भाजपा के पक्ष में वोटिंग के कारण आंकड़ा 34-34 का हो गया था। इसके बाद टाॅस से भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन को जीत हासिल हो गई थी। 27 फरवरी को पैदा हुए सियासी घमासान में सुक्खू सरकार डैमेज को कंट्रोल करने में कामयाब हो गई थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का चुनाव के दौरान ये बयान भी आया था कि 4 जून को दो सरकारें बनेंगी।
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सोमवार को विधानसभा स्थित अपने चेम्बर में आयोजत पत्रकार वार्ता में कहा कि विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले तीनों निर्दलीय विधायकों का इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है और अब ये तीनों मौजूदा 14वीं विधानसभा के सदस्य नहीं माने जाएंगे।
तीनों निर्दलीय विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित करने सम्बंधी याचिका पर भी फैसला आज ही सुना देंगे, लेकिन किसी भी स्थिति में वो विधानसभा के सदस्य नहीं रहेंगे।
